सामग्री
राजगिरा पराठा के लिए
बनाने का तरीका
राजगिरा पराठा की तैयारी
- 1
आलू को इतना पानी डालकर उबालें कि वे डूब जाएँ, जब तक बिलकुल नरम न हो जाएँ और चाकू आसानी से अंदर न घुस जाए।
15 मिनटटिप: छोटे टुकड़े जल्दी गलते हैं और स्मूद मैश बनता है।
- 2
पानी छानें, छिलका उतारें और आलू अभी गरम रहते हुए मैश या कद्दूकस करें, ताकि गाठें न रहें।
5 मिनटटिप: गर्म आलू आटे को बेहतर बाँधते हैं।
- 3
मिक्सिंग बाउल में राजगिरा आटा, गरम मैश किए आलू, हरी मिर्च, हरा धनिया, भुना जीरा पाउडर, अदरक और सेंधा नमक डालें।
- 4
हाथ से मिलाकर एकसार करें। सूखा या बिखरता लगे तो गुनगुना पानी 1‑1 चम्मच डालते जाएँ और हल्का कड़ा, चिकना आटा गूँधें। ज्यादा न गूँधें।
3 मिनटटिप: पानी ज्यादा होगा तो आटा चिपकेगा, धीरे‑धीरे डालें।
- 5
आटे को गीले कपड़े से ढककर 5 से 10 मिनट रखें।
5 मिनटटिप: ज्यादा देर न रखें, आलू पानी छोड़ते हैं और आटा चिपचिपा हो जाता है।
- 6
आटे की 5 बराबर लोइयाँ कर लें। हाथों पर थोड़ा घी या तेल लगा लें ताकि आटा चिपके नहीं।
2 मिनट
प्रो टिप्स: आलू गुनगुने रहते ही मैश करें: गर्म आलू बिना गाठों के मैश होते हैं और उनका स्टार्च राजगिरा आटे को बाँधता है, जिससे पराठे नरम बनते हैं। · भुनी मूँगफली का करारापन: आटे में 1 चम्मच मोटी कुटी भुनी मूँगफली मिलाएँ, नटी स्वाद और नरम पराठे के साथ हल्का क्रंच मिलता है।
राजगिरा पराठा की तैयारी (जारी)
- 7
आसान बेलने के लिए लोई को दो छोटी पार्चमेंट शीट या ग्रीस किए प्लास्टिक के बीच रखें और हल्के हाथ से 5 से 6 इंच, मध्यम मोटाई में बेलें। या चकला‑बेलन को ग्रीस करें, या बहुत हल्का राजगिरा आटा झाड़ें।
3 मिनटटिप: पहले ऊपर वाली शीट हटाएँ, फिर पराठे को शीट समेत पलटकर हथेली पर लें ताकि फटे नहीं।
- 8
तवा मध्यम आँच पर गरम करें। बेले हुए पराठे को गरम तवे पर रखें।
1 मिनटटिप: तवा तब तैयार है जब पानी की एक बूँद तुरंत छनक कर सूख जाए।
- 9
पहली तरफ इतना सेकें कि सतह हल्की पारदर्शी लगे और हल्के दाग दिखें, फिर पलट दें।
2 मिनट - 10
किनारों पर और ऊपर थोड़ा घी लगाएँ। पलटा से हल्के दबाते हुए दोनों तरफ सुनहरे दाग आने तक सेंकें। बाकी लोइयों के साथ दोहराएँ।
3 मिनटटिप: आँच मध्यम रखें ताकि अंदर तक सिके और सूखे नहीं।
प्रो टिप्स: पार्चमेंट या प्लास्टिक के बीच बेलें: राजगिरा के आटे में ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए आटा जल्दी फटता है। शीट्स के बीच बेलने से पराठा आसानी से उठकर तवे पर बिना फटे ट्रांसफर होता है। · चकला‑बेलन को हल्का ग्रीस करें: बोर्ड और बेलन पर घी या तेल की पतली परत लगाने से चिपकता नहीं और सूखा आटा जोड़ने की ज़रूरत नहीं पड़ती, जिससे पराठे फटने या धूल‑धूल से लगने का डर रहता है।
परोसना और रखना
कैसे परोसें
गरमागरम दही, फलाहारी हरी चटनी, जीरा आलू या व्रत की कढ़ी के साथ परोसें। थोड़ी देर रखना हो तो कपड़ा बिछे कैसरोल में रखकर नरम बनाए रखें।
कैसे रखें
सबसे अच्छा गरम ही लगता है। बने हुए पराठे एयरटाइट डिब्बे में फ्रिज में 1 दिन चलते हैं; गरम तवे पर कुछ बूँद घी डालकर दोबारा सेंकें। गूँधा आटा ठीक से नहीं टिकता, पानी छोड़ देता है, इसलिए पकाने के समय के करीब ही मिलाएँ। आलू उबालकर मैश करके 1 दिन पहले फ्रिज में रख सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
व्रत में राजगिरा पराठा खा सकते हैं?
हाँ। राजगिरा एक छद्म‑अनाज है जो व्रत में चलता है। सेंधा नमक और घी या मूँगफली का तेल इस्तेमाल करें।
राजगिरा पराठा बिना फटाए कैसे बेलें?
पार्चमेंट या ग्रीस किए प्लास्टिक के बीच रखें और मध्यम मोटाई तक हल्के हाथ से बेलें। आटा हल्का कड़ा रहे, गीला नहीं, और शीट की मदद से उठाएँ।
आटा चिपचिपा हो गया है, क्या करें?
हाथ और चकला हल्का ग्रीस करें, जरूरत हो तो 1 चम्मच राजगिरा आटा मिलाएँ। सिर्फ 5 से 10 मिनट ही रखें, ज्यादा देर रखने से और गीला होगा।
बिना आलू के बना सकते हैं?
कद्दू की प्यूरी आज़माएँ या थोड़ा भीगा साबूदाना मिलाएँ ताकि बाँध और बनावट मिले। गुनगुना पानी थोड़ा‑थोड़ा डालकर स्मूद, हल्का कड़ा आटा बनाएँ।
घी की जगह तेल इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ, मूँगफली का तेल अच्छा रहता है और व्रत में भी चलता है। आँच मध्यम रखें ताकि पराठे बराबर सिकें।
मेरे पराठे फट क्यों रहे हैं?
आटा शायद सूखा है या बहुत पतला बेल दिया है। 1 चम्मच गुनगुना पानी मिलाकर हल्का गूँधें और करीब 5 से 6 इंच, मध्यम मोटाई में बेलें।


