नवरात्रि व्रत के 11 बेहतरीन व्यंजन | लोकप्रिय व्रत व्यंजन | आसान व्रत व्यंजन
व्यस्त कामकाजी लोगों के लिए जल्दी बनने वाली नवरात्रि व्रत रेसिपियाँ। पैक होने वाला लंच, फटाफट डिनर और आसान मील प्रेप टिप्स।
पकवानपीडिया टीमअपडेट: 7 अक्टूबर 20268 मिनट में पढ़ें

1. साबूदाना खिचड़ी

मोती जैसे नरम साबूदाना घी में जीरा, हरी मिर्च, कटा उबला आलू और दरदरी, भूनी मूंगफली के साथ मिलकर वही क्लासिक खिचड़ी बनाते हैं जिसकी जरूरत व्यस्त दिनों में पड़ती है। पहले साबूदाना इतना भिगोएँ कि दाने नरम हो जाएँ, फिर सबको साथ में भूनें ताकि जीरा चटके, मिर्च की खुशबू आए और आलू और मूंगफली हर कौर में घुल-मिल जाएँ। हर चम्मच में दानों की खिली बनावट और नट जैसा स्वाद मिलता है।
साफ स्वाद और सुथरी बनावट मीटिंग्स के बीच खाना आसान बनाती है। नरम साबूदाना, हल्का घी और जीरा, थोड़ी हरी मिर्च की ताजगी और भुनी मूंगफली की कुरकुराहट। दफ्तर के लिए डब्बे में पैक करें, सादा और व्यवस्थित निवाला रहेगा।
2. कुट्टू की पूरी

कुट्टू की पूरी सीधी रेसिपी है। कुट्टू का आटा ग्लूटेन-फ्री होता है, बँधाने के लिए उबले, मैश किए आलू या अरबी मिलाएँ, बेलें और घी या तेल में तलें। नतीजा व्रत की थाली में अनाज की जगह रोटी जैसा हिस्सा बनकर सेट हो जाता है, खासकर व्रत वाले आलू या हल्की कद्दू की सब्ज़ी के साथ।
यही जोड़ी अपने ऑफिस डब्बे में रखें तो साफ-सुथरा, भरपूर लंच बन जाता है।
3. साबूदाना वड़ा

बाहर से कुरकुरा, भीतर से नरम। साबूदाना वड़ा भिगोए साबूदाने को मैश किए उबले आलू, भूनी दरदरी मूंगफली, जीरा और हरी मिर्च के साथ मिलाकर बनता है। छोटी टिक्कियाँ बनाइए और सुनहरा, करारा होने तक तलिए। हर कौर में दानों की खिली बनावट, गरमाहट वाला आलू और मूंगफली का नट जैसा स्वाद, जिसे जीरा और साफ मिर्चपन उठाते हैं, एक पहचाना व्रत स्नैक देता है जो संतोषजनक है और बिखरता नहीं।
ऑफिस के दिनों के लिए यही सलीकेदार चुनाव है। इसका ठोस टेक्सचर ले जाना आसान बनाता है, हाथ से खाइए, चम्मच-कांटे की जरूरत नहीं। डब्बे में कुछ वड़े रखें और साथ में दही या मूंगफली की चटनी रख दें। सफर सह लेते हैं और मीटिंग्स के बीच आपको साफ, झटपट ब्रेक देते हैं।
4. व्रत वाले आलू

टाइट वर्कडे पर व्रत वाले आलू बनाइए और दिन आगे बढ़ाइए। उबले, क्यूब में कटे आलू को घी में जीरे का तड़का देकर कटी हरी मिर्च, अदरक, सैंधा नमक और दरदरी काली मिर्च के साथ मिलाएँ। घी जीरा और अदरक की खुशबू खोलता है, मिर्च आलू को उठाती है और काली मिर्च गरमाहट देती है। आपको साफ, संतोष देने वाले स्वाद मिलते हैं जो नवरात्रि में बिना झंझट और अलग खरीदारी के अच्छे लगते हैं।
कम सामान लगता है और 15 मिनट से कम के हाथ के काम में तैयार हो जाता है, तो यह वही साइड है जो आप ऑफिस निकलने से पहले बना लें या रात को लौटकर प्लेट कर दें। इसे सादा रखें और जीरा, अदरक और काली मिर्च को बोलने दें। आलू घी और मसाले सोख लेते हैं और व्यस्त दिन भर आरामदेह बने रहते हैं।
6. मखाने की खीर

सुकून इसकी खुशबू में है। मखाने को घी में हल्का सा भूनिए ताकि सौंधापन आ जाए, फिर थोड़ा तोड़कर मीठे, फुल-फैट दूध में पकाइए। उबाल आते ही इलायची महक उठती है और मेवा नरम होकर दुधिया घनापन देता है। यही है मखाने की खीर, चम्मच से आराम से खाने वाली, हर निवाले में मखाने के कोमल टुकड़े सही सा कौर देते हैं।
ऑफिस वाले व्रत के दिनों में भी यह सलीके से साथ देती है। पहले से बनाकर छोटे डब्बे में भरें और साथ ले जाएँ, बिना छलके खाने वाली मिठाई जो आपकी खिचड़ी या आलू के पास सुकून से बैठती है। कॉल्स के बीच कुछ कौर या लंच के सादा अंत में, सब कुछ बिना टुकड़ों और झंझट के रहता है।
7. सिंघाड़े के आटे का चीला

जब व्रत की सुबह नाश्ता सलीके से चाहिए, सिंघाड़े के आटे का चीला काम कर देता है। सिंघाड़े के आटे में पानी या मठा, कद्दूकस की हुई लौकी या उबले आलू, सैंधा नमक और हरी मिर्च मिलाकर पतला, बहने लायक घोल बना लें। तवे पर जल्दी पक जाता है और आटा बेलने की जरूरत नहीं पड़ती, आपको साफ-सादा नमकीन पैनकेक मिलता है जो व्रत के लिए ठीक बैठता है।
ऑफिस के दिनों में यह चीला सब कुछ सरल रखता है। यह पुरी या पकौड़े की तरह तला हुआ नहीं है, तो लंच साफ-सुथरा रहता है। तवे पर जल्दी पकने से आप निकलने से पहले कुछ बना पाएँगे और ये डब्बे में सलीके से फिट होकर मीटिंग्स के बीच बिना टुकड़ों वाले कौर देते हैं।
8. राजगीरा पराठा

राजगीरा पराठा कामकाजी दिन के व्रत को शांत और संतोषजनक रखता है। राजगीरे के आटे को उबले, मैश किए आलू या अरबी के साथ गूँधें ताकि लोई ठहरे, फिर प्लास्टिक शीट के बीच हल्का दबाकर या हाथ से धीरे आकार दें और हर गोल को तवे पर घी लगाकर सेंकें। नतीजा साफ स्वाद वाला, नरम पराठा है जो बिना झंझट पकता है और आपकी दिनचर्या में आसानी से फिट हो जाता है।
निकलने से पहले कुछ बना लें, उन्हें डब्बे में रख दें और आपके पास मीटिंग्स के बीच आसानी से खाया जाने वाला सलीकेदार लंच होगा। नरम, घी पर सिका हर राउंड समतल पैक होता है, सुथरे ढंग से खाया जाता है और सफर में अच्छा रहता है, ताकि व्रत का दिन बिना छलकाए और बिना टुकड़ों के बीते।
9. शकरकंदी चाट

शकरकंदी चाट व्यस्त व्रत के दिन के लिए साफ, उजली कटोरी है। शकरकंदी को स्टीम या उबालकर सुथरे क्यूब में काटें और भूने जीरे का पाउडर, सैंधा नमक, कटी हरी मिर्च और ताज़े नींबू का रस डालकर मिलाएँ। जीरा गरमाहट से महकता है, मिर्च चंचल रखती है और नींबू सबको साथ खींच लेता है, एक सुथरा, संतोष देने वाला मिश्रण बनता है।
डेस्क तक ले जाएँ और कमरे के तापमान पर खाएँ। इसे दोबारा गरम करने की जरूरत नहीं और मीटिंग्स के दौरान सलीके से रहता है। आधार शकरकंदी है, जो फाइबर से भरी होती है, और भूना जीरा, हरी मिर्च और नींबू मिश्रण को ताज़ा बनाए रखते हैं। छोटे डब्बे में पैक करें और कॉल्स के बीच साफ, बिना झंझट व्रत स्नैक लें।
10. व्रत थालीपीठ

महाराष्ट्रीय रसोई से, व्रत थालीपीठ वह मसालेदार रोटी है जिसे बेलते नहीं, थपथपा कर आकार देते हैं। आटा राजगीरा या सिंघाड़े के आटे से बनता है, इसमें भीगा साबूदाना, कद्दूकस किए कच्चे आलू, कुचली भूनी मूंगफली और हरी मिर्च मिलती है, फिर इसे सीधे तवे पर थपथपा कर चिपकाएँ या पार्चमेंट पर बनाकर उठाकर तवे पर डालें।
यह थपथपा कर बनाने की विधि झंझट कम रखती है और रोटी मज़बूत बनती है, कामकाजी व्रत के लिए ठीक। डब्बे में कुछ रख दें और साथ एक छोटी कटोरी ताजा सादा दही रखें। यह जोड़ी साफ-सुथरे ढंग से खाई जाती है, टुकड़े नहीं गिरते, और मीटिंग्स के बीच आसान, संतोषजनक ब्रेक देती है।
11. घी में भुना मखाना

दफ्तर के लिए शांत कुरकुराहट। घी में भुने मखाने के लिए फुले हुए मखाने को धीमी आँच पर थोड़ा घी डालकर हल्के से भूने ताकि वे कुरकुरे हो जाएँ, फिर सैंधा नमक और काली मिर्च से सादा सा मसाला दें। नतीजा हल्की, साफ स्वाद वाली कुरकुराहट है जिसे आप बिना झंझट डेस्क पर रख सकते हैं।
एक बार में अधिक बना लें और एयरटाइट डिब्बे में रखें। कई दिनों तक बढ़िया रहते हैं, बिना गंध के और ऑफिस घंटों में बिना गंदगी के। कॉल्स के बीच तुरंत, सलीकेदार कौरों के लिए डेस्क या बैग में रखना सुविधाजनक है।
ऑफिस में नवरात्रि व्रत सँभालने के टिप्स
रात पहले किया गया काम आधा बोझ उतार देता है। साबूदाना रात भर भिगो दें और आलू पहले से उबाल लें, फिर डिब्बों में रख दें ताकि सुबह सिर्फ तड़का और झटपट मिक्स करके निकलना हो। मूंगफली को भी पहले ही भूनकर कूट लें, तो आप बिना घड़ी देखे साबूदाना खिचड़ी, वड़ा मिक्स या झटपट आलू पैक कर पाएँगे। यह छोटा सा प्रेप उस समय की घबराहट घटाता है जब आप निकलने या जल्दी लॉग इन करने की कोशिश कर रहे होते हैं। फ्रिज पर एक आसान चेकलिस्ट सटाएँ और हफ्ते भर दोहराएँ ताकि व्रत के खाने सधे रहें और काम टाइम पर चलता रहे।
अपने डब्बे को मीटिंग्स तक टिकाऊ बनाने के लिए बेस के साथ प्रोटीन और अच्छे फैट जोड़ें। साबूदाना या सामक चावल के साथ भूनी मूंगफली, एक चम्मच दही या कुछ पनीर के टुकड़े रखें ताकि खाना लंबी ऑफिस मीटिंग्स में सहजता से साथ दे। सोचिए साबूदाना खिचड़ी जिसमें मूंगफली और दही हो, या पनीर मिला सामक पुलाव। यह सादा जोड़ी प्लेट को जाना-पहचाना और ऑफिस-फ्रेंडली रखती है और आपको अलग से कई साइड्स की जरूरत नहीं पड़ती। हिस्से साधारण रखें, पर हर डिब्बे में वह प्रोटीन टच जरूर दें ताकि लंबी ऑफिस मीटिंग्स में ऊर्जा स्थिर रहे।
डेस्क पर छोटी बोतल में मठा, नरम नारियल पानी या नींबू पानी रखें और दिन भर छोटे सिप लेते रहें ताकि पानी की कमी न हो। लंच में कुट्टू पकौड़ा जैसे ज्यादा तले हुए विकल्प कम रखें, क्योंकि भारी तला खाना दफ्तर के घंटों में खाने के बाद सुस्ती और बोझलपन दे सकता है। बिना तले उन्हीं चुनावों पर टिकें जो आप पहले से बनाते हैं, जैसे सिंघाड़े का चीला, थालीपीठ, दही के साथ राजगीरा पराठा या सादा आलू, ताकि ऑफिस समय में खाना सुथरा और फोकस्ड रहे।
यह कहानी AI की मदद से लिखी गई है। इसमें वही तथ्य हैं जिन्हें हमने एक से ज़्यादा स्रोतों से जाँचा, फिर हमारे संपादकों ने इसे पढ़ा और सुधारा। कोई गलती दिखे तो हमें संपर्क पेज पर बताएँ।



