सामग्री
चीला के लिए
बनाने का तरीका
चीला घोल और सेंकना
- 1
एक बाउल में सिंघाड़े का आटा, हरा धनिया, हरी मिर्च, अदरक, जीरा और सेंधा नमक डालें। सूखा मिलाएँ ताकि हर चीज जड़ी-बूटियों और मसालों से बराबर लिपट जाए।
- 2
पानी थोड़ा-थोड़ा करके फेंटें और मध्यम-गाढ़ा, ढलने लायक घोल बनाएँ, जो डोसा के घोल से एक झलक गाढ़ा हो। 5 मिनट रेस्ट दें ताकि आटा पानी सोख ले और घोल थोड़ा ढीला हो जाए।
5 मिनटटिप: करछी उठाने पर घोल धीमी रिबन बनकर गिरे और 2 से 3 सेकंड में समा जाए, तो घोल सही है।
- 3
नॉन-स्टिक पैन या अच्छी तरह सीज़न किया हुआ लोहे का तवा मध्यम आँच पर गरम करें। 1 चम्मच तेल या घी से हल्का ग्रीस करें; सतह चमकीली दिखे, पर तेलीय न लगे।
टिप: घोल की एक बूँद हल्का सिज़ल करे और धुआँ न उठे, तो तवा तैयार है।
- 4
बीच में एक करछी घोल डालें और करछी की पीठ से 5 से 6 इंच का गोल हल्के हाथ से फैलाएँ। किनारों पर थोड़ा तेल टपकाएँ।
टिप: हल्के हाथ से फैलाएँ; ज्यादा दबाने पर इस ग्लूटेन-फ्री घोल में दरारें पड़ती हैं।
- 5
पहली तरफ मध्यम आँच पर पकाएँ जब तक किनारे सूखे दिखें और तला सुनहरा, हल्के भूरे धब्बों वाला हो जाए, लगभग 2 मिनट। ऊपर हिस्सा गीला लगे तो 30 से 45 सेकंड ढक दें, फिर किनारे ढीले करें और पलटें।
2 मिनटटिप: ढक्कन रखने से भाप अटकती है, ऊपर की परत सेट होती है और पलटना आसान होता है।
- 6
दूसरी तरफ 1 से 2 मिनट सुनहरा और पूरी तरह पकने तक सेकें, जरूरत हो तो कुछ बूंदें तेल डालें। बाकी घोल से भी इसी तरह बनाएँ और गरम परोसें।
2 मिनट
प्रो टिप्स: कसा हुआ लौकी मिलाएँ: घोल में 0.5 कप बारीक कसी, अच्छी तरह निचोड़ी हुई लौकी मिलाएँ। नमी और हल्की बाइंडिंग आती है, चीला हल्का रहते हुए भी सधा रहता है। · पहली तरफ पकाते हुए ढकें: शुरुआती 30 से 45 सेकंड ढक्कन रखें। फँसी भाप ऊपर की परत सेट कर देती है, इसलिए नाजुक, ग्लूटेन-फ्री चीला फटने बिना पलट जाता है। · उबले, मेश किए आलू मिलाएँ: घोल में 0.5 कप उबले, मेश किए आलू मिलाएँ ताकि चीला नरम और ज्यादा लचीला बने और बढ़िया तरह से जुटा रहे। · प्रोटीन के लिए कसा हुआ पनीर: 0.25 से 0.5 कप कसा हुआ पनीर मिलाएँ, जिससे व्रत का खाना भरपूर लगे पर भारी न हो।
परोसना और रखना
कैसे परोसें
तवे से उतारते ही व्रत वाली हरी चटनी, नारियल की चटनी, सादा दही या व्रत वाले आलू की सब्ज़ी के साथ परोसें। यह सिंघाड़े की पूरी या पकोड़े का हल्का, तवे पर सेंका हुआ विकल्प है।
कैसे रखें
चीले ताज़ा ही सबसे अच्छे लगते हैं। पके हुए चीले एयरटाइट डिब्बे में 1 दिन तक फ्रिज में रखें; गरम तवे पर हर साइड 1 से 2 मिनट दोबारा सेंक लें। घोल को ढककर फ्रिज में 8 से 10 घंटे रखा जा सकता है; यह गाढ़ा होगा, तो फेंटकर थोड़ा पानी मिलाकर पतला करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सिंघाड़े का आटा ग्लूटेन-फ्री है और व्रत में चलता है?
हाँ, सिंघाड़े का आटा प्राकृतिक तौर पर ग्लूटेन-फ्री है और व्रत में आमतौर पर खाया जाता है। सेंधा नमक इस्तेमाल करें और अपने घर के नियम के अनुसार व्रत में न खाए जाने वाले मसाले न डालें।
चीला पलटते समय टूट जाता है, क्या गलती हो रही है?
घोल बहुत पतला हो सकता है, तवा ठंडा हो सकता है, या आपने जल्दी पलट दिया। घोल मध्यम-गाढ़ा रखें, ऊपर की परत सेट होने दें, और थोड़ी देर ढककर पकाएँ ताकि वह सख्त हो जाए।
बाइंडिंग के लिए आलू या लौकी डाल सकते हैं?
हाँ। 0.5 कप उबले, मेश किए आलू या 0.5 कप कसी, निचोड़ी लौकी मिलाएँ। दोनों से चीला आकार पकड़े रहता है; लौकी इसे हल्का भी रखती है।
इन चीलों के लिए कौन-सा तवा सबसे अच्छा है?
नॉन-स्टिक पैन झंझट-रहित है; अच्छी तरह सीज़न किया हुआ लोहे का तवा बढ़िया क्रस्ट देता है। आँच मध्यम रखें ताकि चीला जले बिना अंदर तक पक जाए।
घोल कितना गाढ़ा होना चाहिए?
डोसा के घोल से थोड़ा गाढ़ा। करछी उठाने पर घोल रिबन बनकर गिरे और कुछ सेकंड में समा जाए।
सिंघाड़े के आटे के चीले के साथ क्या परोसें?
व्रत के मुताबिक हरी चटनी, नारियल की चटनी, सादा दही या व्रत वाले आलू की सब्ज़ी परोसें।


