सामग्री
कुमरोर चोक्का के लिए
बनाने का तरीका
कुमरोर चोक्का
- 1
काला चना रातभर भिगोएँ, फिर कुकर में नमक की एक चुटकी और इतना पानी डालें कि दाने ढक जाएँ, नरम होने तक पकाएँ। पानी छानकर अलग रखें।
टिप: चना बस इतना पकाएँ कि नरम हो जाए; ज़्यादा पका तो मिलाते समय टूट जाएगा।
- 2
कद्दू और आलू को बराबर 1-इंच के टुकड़ों में काटें ताकि दोनों एक साथ पकें।
5 मिनटटिप: एक जैसे टुकड़े रखने से माखा-माखा फिनिश आता है, गला हुआ नहीं।
- 3
कड़ाही में मध्यम-तेज़ आँच पर सरसों का तेल गरम करें जब तक हल्का धुआँ दिखे, फिर आँच धीमी करें। आलू के टुकड़े 3 से 4 मिनट तलें जब तक हल्के सुनहरे धब्बे दिखें; निकाल लें। कद्दू 2 से 3 मिनट तलें; निकाल लें।
8 मिनटटिप: पहले तलने से किनारे सख़्त हो जाते हैं और कद्दू बाद में आकार बनाए रखता है।
- 4
उसी तेल में धीमी आँच पर पंच फोरन, साबुत लाल मिर्च और तेज पत्ते डालें। तड़क कर खुशबू आने दें, फिर हींग डालें।
1 मिनटटिप: पंच फोरन में सौंफ और कलौंजी की खुशबू तुरंत आनी चाहिए।
- 5
अदरक पेस्ट, हल्दी, जीरा पाउडर और धनिया पाउडर में थोड़ा पानी मिलाकर ढीला पेस्ट बनाएँ। कड़ाही में डालें और मध्यम आँच पर तेल छूटने तक भूनें।
2 मिनटटिप: मसाले को पानी से भिगोने से गरम सरसों के तेल में जलते नहीं।
- 6
तले हुए आलू, तला हुआ कद्दू, उबला चना और चीरी हुई हरी मिर्च डालें। हल्के हाथ से उछालते हुए हर टुकड़े पर मसाला लपेटें।
1 मिनटटिप: समतल कलछी से धीरे-धीरे पलटें; ज़ोर से चलाएँगे तो कद्दू टूटेगा।
प्रो टिप्स: कद्दू और आलू को पहले हल्का तलें: थोड़ा सा तलने से किनारे सील हो जाते हैं, इसलिए कद्दू धीमी आँच पर पकते हुए भी नहीं टूटता। · पिसे मसालों को भिगोकर डालें: भूनने से पहले हल्दी, जीरा और धनिया में थोड़ा पानी मिला दें। इससे मसाले नहीं जलते और मसाला चिकना बनता है। · अंत में भाजा मोशला डालें: भुना जीरा-लाल मिर्च वाला मिश्रण मीठे साबुत-मसाला गरम मसाले से ज़्यादा धुँआटा, मिट्टी जैसा बंगाली स्वाद देता है।
कुमरोर चोक्का (जारी)
- 7
करीब 0.75 कप गुनगुना पानी डालें। ढककर मध्यम-धीमी आँच पर पकाएँ जब तक सब्ज़ियाँ नरम हो जाएँ पर आकार बना रहे।
10 मिनटटिप: बीच में एक बार ढक्कन खोलकर हल्के से पलटें ताकि बराबर पके।
- 8
चीनी और नमक डालें। ढकन हटाकर हल्के-हल्के चलाते हुए पकाएँ, जब तक पानी घटकर सब्ज़ियों से चिपक न जाए और बनावट गाढ़ी, सेमी-ड्राई माखा-माखा हो जाए।
3 मिनटटिप: कद्दू पर हल्की चमक दिखे, ग्रेवी का पोखर नहीं।
- 9
आँच बंद करें। घी और थोड़ा बंगाली गरम मसाला या भाजा मोशला मिला दें। ढककर 5 मिनट दम पर रखें, फिर परोसें।
5 मिनटटिप: अंत का यह दम मसालों की खुशबू कद्दू में बसा देता है।
प्रो टिप्स: नारियल वाला बदलाव: हल्की मिठास और टेक्सचर के लिए कसा हुआ नारियल का एक चम्मच या तले हुए नारियल के कुछ टुकड़े मिला दें।
परोसना और रखना
कैसे परोसें
क्लासिक जोड़ी के लिए गरम लूची के साथ परोसें। परोटा या रोटी के साथ भी अच्छा लगता है, या दाल और भाप वाले चावल के साथ साइड में।
रखना और गरम करना
एयरटाइट डिब्बे में फ्रिज में 2 से 3 दिन तक रहता है। कड़ाही में थोड़ा पानी डालकर हल्के हाथ गरम करें, फिर ज़रूरत हो तो चुटकी भर भाजा मोशला या गरम मसाला डालकर फिनिश करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कुमरोर चोक्का बिना प्याज-लहसुन बनता है क्या?
हाँ। यह पारंपरिक बंगाली निरामिष डिश है, इसलिए इसमें प्याज या लहसुन नहीं डालते।
कुमरोर चोक्का में माखा-माखा बनावट कैसे लाएँ?
आखिर में ढकन हटाकर पानी घटने दें ताकि मसाला कद्दू-आलू से चिपक जाए। टुकड़े टूटें नहीं, इसलिए ज़ोर से न चलाएँ।
पंच फोरन की जगह जीरा से छौंक दे सकते हैं?
दे सकते हैं, पर यहाँ पंच फोरन ज़्यादा ठेठ बंगाली विकल्प है। इसकी खुशबू ज़्यादा संतुलित लगती है।
चीनी छोड़ सकते हैं?
पहले कद्दू चख लें। अगर अपने आप मीठा है तो कम करें या छोड़ दें। थोड़ी चीनी, सरसों के तेल और हींग का स्वाद अच्छा बैलेंस करती है।
कुमरोर चोक्का के साथ क्या परोसें?
लूची इसकी क्लासिक जोड़ी है। परोटा या रोटी के साथ भी चलता है, या दाल और भाप वाले चावल के साथ साइड में।

